Category : Mahabharata 3 – Wana Parwa

Wana Parwa 297

Itihasa, Mahabharata, Mahabharata 3 - Wana Parwa, Weda Smerti
Wana Parwa 297
Mahabharata 3.297 Wana Parwa 297   1       स ददर्श हतान भरातॄँल लॊकपालान इव चयुतान      युगान्ते समनुप्राप्ते शक्र परतिमगौरवान  2 विप्रकीर्णधनुर बाणं दृष्ट्वा निहतम अर्जुनम      भीमसेनं यमौ चॊभौ निर्विचेष्टान गतायुर अः  3 स दीर्घम उष्णं निःश्वस्य शॊकबाष्पपरिप्लुतः     

Wana Parwa 298

Itihasa, Mahabharata, Mahabharata 3 - Wana Parwa, Weda Smerti
Wana Parwa 298
Mahabharata 3.298 Wana Parwa 298   1       ततस ते यक्षवचनाद उदतिष्ठन्त पाण्डवाः      कषुत्पिपासे च सर्वेषां कषणे तस्मिन वयगच्छताम  2       रसस्य एकेन पादेन तिष्ठन्तम अपराजितम      पृच्छामि कॊ भवान देवॊ न मे यक्षॊ मतॊ भवान  3 वसूनां

Wana Parwa 299

Itihasa, Mahabharata, Mahabharata 3 - Wana Parwa, Weda Smerti
Wana Parwa 299
Mahabharata 3.299 Wana Parwa 299   1       धर्मेण ते ऽभयनुज्ञाताः पाण्डवाः सत्यविक्रमाः      अज्ञातवासं वत्स्यन्तश छन्ना वर्षं तरयॊदशम      उपॊपविश्य विद्वांसः सहिताः संशितव्रताः  2 ये तद भक्ता वसन्ति सम वनवासे तपस्विनः      तान अब्रुवन महात्मानः शिष्टाः पराज्ञलयस तदा