Tag : MB 16.3

Mausala Parwa 3

Itihasa, Mahabharata, Mahabharata 16 - Mausala Parwa, Weda Smerti
Mausala Parwa 3
Mahabharat 16.3 Mausala Parwa 3   1       एवं परयतमानानां वृष्णीनाम अन्धकैः सह      कालॊ गृहाणि सार्वेणां परिचक्राम नित्यशः  2 करालॊ विकटॊ मुण्डः पुरुषः कृष्णपिङ्गलः      गृहाण्य अवेक्ष्य वृष्णीनां नादृश्यत पुनः कव चित  3 उत्पेदिरे महावाता दारुणाश चा दिने